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26 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास
सिर से à¤à¤¡à¤¼à¥€ तक आपके शिशॠका माप अब 35.6 सें.मी. (14 इंच) से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो गया है, यानि कि à¤à¤• लगà¤à¤— à¤à¤• हरी पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के जितना लंबा। उसका वजन à¤à¥€ करीब 760 गà¥à¤°à¤¾à¤® पहà¥à¤‚च गया है। उसके बढ़ते शरीर को मजबूत होती रीढ़ का सहारा मिल रहा है, जिसमें अब 150 जोड़ (जाइंटà¥à¤¸), 33 छलà¥à¤²à¥‡ (रिंग) और 1000 असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध (लिगामेंटà¥à¤¸) हैं।
आपके शिशॠकी आवाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अधिक समान ढंग से बढ़ रही है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसका मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अब अधिक विकसित है। वह अब और अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तौर पर सà¥à¤¨ सकता है, और शायद वह आप और आपके पति की अलग-अलग आवाज को पहचान à¤à¥€ सकता है। यह शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ पहचान जनà¥à¤® के बाद उसे आपसे और आपके पति से मजबूत बंधन बनाने में मदद करेगी।
आपके शिशॠके फेफड़े विकसित होना जारी रखेंगे, महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ विकसित हो रही हैं और नठवायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— निकल रहे हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पेड़ (रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ टà¥à¤°à¥€) के तौर पर à¤à¥€ जाना जाता है।
इन वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—ों के सिरों पर वायà¥à¤•ोष (छोटे अंगूर के आकार की संरचना जिसे à¤à¤²à¤µà¥‡à¤“ली कहा जाता है) बनेंगे। आपका शिशॠजनà¥à¤® के बाद जब अपनी पहली सांस लेगा, ये वायà¥à¤•ोष हवा से à¤à¤° जाà¤à¤‚गे। उसकी बहà¥à¤¤ ही छोटी रकà¥à¤¤ वाहिकाओं के जरिये उसके रकà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में आॅकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का समाहन कर लिया जाà¤à¤—ा।
यदि आपके गरà¥à¤ में पà¥à¤¤à¥à¤° पल रहा है, तो उसके वृषण शà¥à¤°à¥‹à¤£à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से अंडकोष तक आने का अपना सफर जारी रखेंगे। शिशॠके जनà¥à¤® के कà¥à¤› समय पहले वृषण अपने अंतिम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पहà¥à¤‚च जाà¤à¤‚गे। हालांकि, जनà¥à¤® के बाद पहले छह महीनों में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ होना जारी रहना काफी आम है।
आपके शिशॠकी सà¥à¤µà¤¾à¤¦ कलिकाà¤à¤‚ अब पूरी तरह विकसित हो चà¥à¤•ी हैं, उसके नथà¥à¤¨à¥‡ अब खà¥à¤²à¤¨à¥‡ लगे हैं और उसके मà¥à¤‚ह और होंठअब अधिक संवेदनशील हो रहे हैं। उसके मसूढ़ों में ऊपर दांतों के अंकà¥à¤° उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगे हैं, जो कि अंतत वयसà¥à¤• कृनà¥à¤¤à¤• दांत (इनसाइजर) और शà¥à¤µà¤¦à¤‚त (कैनाइन) बनेंगे।
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